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श्री शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान का जीवन परिचय भारतीय जनता पार्टी के सदस्य और मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च, 1959 को सिहोर, मध्य-प्रदेश में हुआ था. शिवराज सिंह ने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी, भोपाल से गोल्ड मेडल के साथ दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि ग्रहण की. शिवराज सिंह चौहान के परिवार में उनकी पत्नी साधना और दो पुत्र हैं. ..............View more..
अगले वित्तीय वर्ष में बेहतर होगी राजकोषीय स्थिति : अरुण जेटली
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नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि राजकोषीय संतुलन की स्थिति अगले वित्तीय वर्ष में बेहतर हो जाएगी। इस लिहाज से राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से फिसलने की आशंका अगले वर्ष नहीं रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड के साथ बजट प्रस्तावों पर चर्चा के लिए बुलाई बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि जहां तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर चिंता की बात है, हमें कल्पना के भरोसे अंदाज नहीं लगाना चाहिए। बीते तीन दिनों में स्थितियां फिर पलट गई हैं और कीमतें नीचे आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में इससे राजकोषीय संतुलन पर कोई प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका नहीं है। बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की समिति की बैठक में ब्याज दर में बदलाव नहीं करने का जो फैसला लिया गया, वह एकदम संतुलित है।

जहां तक राजकोषीय स्थिति का सवाल है उन्होंने भरोसा जताया कि अगला वित्त वर्ष संतोषजनक रहेगा क्योंकि राजस्व की स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। वित्त मंत्री ने अगले वित्तीय वर्ष के बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी के मुकाबले 3.5 फीसद रहने का अनुमान लगाया है।

जबकि इसके लिए 3.2 फीसद का लक्ष्य रखा गया था। इसकी वजह जीएसटी और स्पेक्ट्रम बिक्री को टालना बताया जा रहा है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 3.3 फीसद रखा गया है। हालांकि फिस्कल रिस्पॉंसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट अधिनियम के तहत इसे तीन फीसद पर होना चाहिए था।

मौद्रिक नीति के फैसले दूरदर्शी कदम : पटेल-

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा है कि मौद्रिक नीति संबंधी फैसलों को दूरदर्शी कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्हें रोजमर्रा की महंगाई के आधार पर नहीं जांचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भविष्यवाणी करना कठिन है। पिछले दिनों में इसकी कीमतें दोतरफा दिशा में चलती दिखाई दीं। कीमतों में वृद्धि और गिरावट के दोनों हालातों के लिए कोई विशेष कदम की जरूरत नहीं है।

वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने उम्मीद जताई कि क्रेडिट ग्रोथ में सुधार होगा और कंपनियां पूंजी बाजार से ज्यादा पैसा जुटाने में सक्षम होंगी। बाजार में बुलबुले का खतरा नहीं शेयर बाजार पर आरबीआइ के गवर्नर ने कहा कि स्टॉक मार्केट में बुलबुला ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे कोई गंभीर समस्या हो। नियामकों को इसके खतरे के प्रति सतर्क रहना होगा।

हाल में घरेलू और ग्लोबल स्टॉक मार्केट में गिरावट पर उन्होंने कहा कि बाजार में करेक्शन आ चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि बाजार किस तरह अपनी दिशा बदलता है। इससे न तो ग्लोबल बाजार में और न ही घरेलू बाजार में बुलबुला पैदा होने की कोई आशंका है। लेकिन नियामक के तौर पर हमें सतर्क रहना होगा।

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